पवित्र आत्मा एक गवाह है
पवित्र आत्मा यीशु मसीह के विषय में गवाही देता है और विश्वासी को सामर्थ देता है कि वह अपने जीवन और वचनों से मसीह की गवाही दे सके।
HINDI – SERIES 2 | सामर्थ्य, उद्देश्य और प्रतिज्ञा
Rev. Sarvjeet Herbert (Nayi Srishti नई सृष्टि)
2/2/20261 min read
हमने देखा कि किस प्रकार पवित्र आत्मा इस पृथ्वी पर आकर हमें सिखाता है और मसीह की बातें स्मरण दिलाता है। आज हम यूहन्ना 15:26 को पढ़ेंगे, जहां कुछ इस प्रकार लिखा है: "परन्तु जब वह सहायक आएगा जिसे मैं तुम्हारे पास पिता की ओर से भेजूंगा, अर्थात सत्य का आत्मा जो पिता की ओर से निकलता है, तो वह मेरी गवाही देगा।"
Amplified Bible में यह इस प्रकार लिखा है: But when the Comforter comes, whom I will send to you from the Father, the Spirit of truth, who comes and proceeds from the Father, He will testify regarding me।
पवित्र आत्मा: सत्य का आत्मा
जो पवित्र आत्मा प्रभु यीशु मसीह पिता से विनती करके भेजेंगे, वह आत्मा सत्य का आत्मा है। जैसा कि यीशु मसीह ने पहले भी उल्लेख किया कि यह आत्मा सत्य का आत्मा है जो हमारे जीवन में सत्य को प्रकट करे। और इस यूहन्ना 15:26 में हम पढ़ते हैं कि पवित्र आत्मा मसीह यीशु की गवाही देगा।
गवाही का महत्व
यह गवाह का क्या अर्थ होता है, इसे हम समझते हैं। आज संसार में भी जब हम रहते हैं तो देखते हैं कि इस गवाही का कितना महत्व होता है। किसी भी घटना के क्रम में, यदि कहीं भी किसी भी स्थान में कोई घटना हो जाती है—आपके घर के पास या आपके शहर-मोहल्ले में कोई घटना घटती है—पुलिस आती है तो उस घटना के चश्मदीद गवाह को पूछती है कि किसने इस घटना को देखा है। न्यायालय में भी फैसला गवाह के आधार पर किया जाता है। दो या तीन गवाहों के द्वारा बहुत सी बातें पक्की हो जाती हैं।
यहां प्रभु यीशु मसीह अपने चेलों से कह रहे हैं कि पवित्र आत्मा आएगा तो वह मेरी गवाही देगा। अर्थात यह पवित्र आत्मा सारी बातों को याद रखता है। वह बुद्धिमान है, उसके पास बुद्धि है, उसके पास भावनाएं हैं, और उस पवित्र आत्मा के पास एक इच्छा है। और यह तीनों चीजें एक व्यक्तित्व को बनाती हैं। यहां पर यीशु मसीह इस बात को बता रहे हैं कि वह एक व्यक्ति है, एक सहायक है जो तुम्हारे साथ रहेगा और वह मेरी गवाही देगा।
प्रेरितों को गवाह की आवश्यकता
यह गवाही किस प्रकार की है? क्या गवाही की आवश्यकता आज हमें है? या उस समय में जब प्रभु यीशु मसीह के साथ चेले थे जो प्रेरित बने, जिन्होंने सारे संसार में प्रभु यीशु मसीह की गवाही दी, उन्हें पवित्र आत्मा के गवाह के रूप में आने की क्या आवश्यकता थी?
प्रेरितों के काम 4:33 में लिखा है: "और प्रेरित बड़ी सामर्थ्य से प्रभु यीशु मसीह के जी उठने की गवाही देते थे।" प्रभु यीशु मसीह के जो चेले हैं, जो प्रेरित हैं, उन्हें एक गवाह की आवश्यकता थी जिसने सारी घटना क्रम को समझा, जो यीशु मसीह के साथ घटा—उनके साढ़े तीन वर्ष की इस पृथ्वी की सेवा, क्रूस की मृत्यु, यीशु मसीह का जी उठना और उनका स्वर्गारोहण।
पवित्र आत्मा कोई प्रभाव नहीं है, कोई बादल या कोई हवा या कोई बिजली नहीं है। पवित्र आत्मा एक व्यक्ति है, एक आत्मिक प्राणी है जो हमारे शरीर में आकर रह सकता है। पवित्र आत्मा एक व्यक्ति है, और यह प्रेरितों के जीवन में सामर्थ्य देता है कि वे गवाही दें।
नया नियम: पवित्र आत्मा की गवाही
इस बात की गवाही की आवश्यकता थी जो यीशु मसीह जानते थे कि चेलों को देनी है। और जो सबसे बड़ी गवाही है जो यीशु मसीह के चेलों के द्वारा हम सभी को मिली, इन वचनों को पढ़ने के द्वारा—यीशु मसीह के चेलों, प्रेरितों के द्वारा जो नया नियम लिखकर हमें दिया गया है। यह बताता है कि इन चेलों ने जो गवाही दी वह पवित्र आत्मा के द्वारा हमें इस नियम की पुस्तक के रूप में मिली है। यह परमेश्वर का जीवित वचन है, यह नया नियम है, नया विधान है, यीशु मसीह के लहू में एक नई वाचा है।
जब प्रभु यीशु मसीह अपने चेलों से चर्चा कर रहे हैं और यह बता रहे हैं कि यह पवित्र आत्मा आएगा तो वह मेरी गवाही देगा—और जब उस गवाही को उनके चेलों ने अपनी आत्मा में प्रकाशन के रूप में देखा, तो पतरस खड़े होकर बोला और बताया कि प्रभु यीशु मसीह की मृत्यु का रहस्य क्या है। वे सारे रहस्य और सारे भेद की बातें जब पवित्र आत्मा उनके जीवन में आया तब पवित्र आत्मा ने सारी बातों की उन्हें गवाही दी।
सामर्थ्य का स्रोत
और जैसा कि हमने पढ़ा, "और प्रेरित बड़ी सामर्थ्य से"—यह सामर्थ्य किसकी है? यह सामर्थ्य, यह साहस पवित्र आत्मा देता है, जिसकी चर्चा प्रभु यीशु मसीह अपनी मृत्यु से पहले कर रहे हैं। और वह यह कह रहे हैं कि यह गवाही देगा, मेरी गवाही देगा कि मैं मरे हुओं में से जी उठा हूं, इसलिए मुझ पर विश्वास कर सकते हो।
जब पवित्र आत्मा को प्रेरितों ने पाया तो वे बड़ी सामर्थ्य से प्रभु यीशु मसीह के जी उठने की गवाही देते थे। और यह गवाही, यह घटना संसार के लिए मुक्ति का एक द्वार है। जैसा लिखा है कि "क्रूस की कथा नाश होने वालों के लिए मूर्खता है, पर हम विश्वास करने वालों के लिए यह परमेश्वर की सामर्थ्य है।"
आज भी जीवित गवाह
यह पवित्र आत्मा इसलिए आया, इसकी चर्चा इसलिए प्रभु यीशु मसीह ने की, क्योंकि आज के इस युग में इसी पवित्र आत्मा के द्वारा हम यीशु मसीह के जी उठने के गवाह हैं।
यूहन्ना 15:26 में कहते हैं कि जब वह तुम्हारे पास आएगा जो परमेश्वर पिता से निकलता है, तो वह मेरी गवाही देगा, क्योंकि पवित्र आत्मा ने सारी घटना क्रम को बड़ी बारीकी से देखा है—यीशु मसीह के दुख उठाए जाने को देखा है, उनके जन्म से उनके सारे जीवनकाल में सेवा को, यीशु मसीह के क्रूस पर मृत्यु को सहने को, यीशु मसीह की मृत्यु और उनके जी उठने को। और यीशु मसीह की मृत्यु और उनके जी उठने का एक गवाह जो आज भी हमारे बीच उपस्थित है, वह है पवित्र आत्मा।
यह पवित्र आत्मा हमें यीशु मसीह की गवाही देता है और यह बताता है कि यह घटना घटी थी आज से दो हजार सोलह वर्ष पहले—यीशु मसीह क्रूस पर मरे और मरकर जिंदा हुए।
हमारी आत्मा के साथ गवाही
जब इस घटना को कोई अपनी अंतरात्मा में मानता है तो पवित्र आत्मा उसकी आत्मा के साथ गवाही देता है। यह पवित्र आत्मा हमें बताता है, हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, और यह कहता है कि तुमने यीशु मसीह पर विश्वास किया है, और इसलिए यीशु मसीह ने तुम्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार दे दिया।
रोमियों 8:16 में ऐसा लिखा है: "आत्मा अर्थात पवित्र आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है।" किसकी गवाही देता है? यह गवाही देता है कि तुमने यीशु मसीह पर विश्वास किया है, तुमने उनकी मृत्यु, उनके जी उठने पर विश्वास किया है, तुमने उनकी प्रभुता को ग्रहण किया है। इसलिए यीशु मसीह ने तुम्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार दे दिया है।
आज के विश्वासियों के लिए
प्रभु यीशु मसीह पवित्र आत्मा के बारे में यही चर्चा कर रहे हैं कि वह पवित्र आत्मा जिसे परमेश्वर पिता भेजेगा, केवल चेलों के साथ ही नहीं रहेगा, केवल प्रेरितों के ही साथ नहीं रहेगा, लेकिन आज हर एक यीशु मसीह पर विश्वास करने वाले के साथ रहेगा।
वह सामर्थ्य जो यीशु मसीह के प्रेरितों को पवित्र आत्मा ने दिया, वे अद्भुत काम और चमत्कार जो उनके हाथों के द्वारा कराए, वे आज भी पवित्र आत्मा हर एक विश्वासी के साथ करता है, क्योंकि यीशु मसीह का वचन कहता है कि "विश्वास करने वालों के ये चिन्ह होंगे कि वे मेरे नाम से बीमारों पर हाथ रखेंगे और वे चंगे हो जाएंगे। यीशु मसीह के नाम से दुष्टात्माएं निकलेंगी। यीशु मसीह के नाम से अन्य भाषाएं बोलोगे।"
यह कार्य जो पवित्र आत्मा ने यीशु मसीह के समय के प्रेरितों के बीच किया, आज वह सारी सेवा, वे सारे कार्य, वही पवित्र आत्मा जो मसीह की गवाही देता है, वह अपने विश्वासियों से, यीशु मसीह पर विश्वास करने वालों के जीवन से उन गवाहियों को कराता है, और यह बताता है कि प्रभु यीशु मसीह जी उठे हैं।
आत्मिक मनन
यह बहुत सुंदर सुसमाचार है। हो सकता है आपने जन्म से यीशु मसीह के बारे में सुना होगा कि यीशु मसीह एक अच्छे गुरु हैं, एक अच्छे शिक्षक हैं, एक अच्छे चंगा करने वाले हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात जो प्रभु यीशु मसीह के बारे में पवित्र आत्मा गवाही देता है वह यह है कि यीशु मसीह जगत के मुक्तिदाता हैं। यह ऐसा मेमना है जो जगत के पापों को उठा ले गया है।
यह गवाही केवल पवित्र आत्मा देता है, जो पवित्र आत्मा आपकी अंतरात्मा में इस प्रकाशन को दे देता है कि यीशु मसीह आपके लिए मारे गए, गाड़े गए और मरकर जी उठे हैं।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
आपके जीवन के द्वारा पवित्र आत्मा बहुतों के लिए आशीष का कारण बनना चाहता है। यह पवित्र आत्मा बहुत वास्तविक है, और यह परमेश्वर, एक ऐसा व्यक्तित्व है, परमेश्वर का व्यक्तित्व है जो मनुष्य की अंतरात्मा को शुद्ध करके उसमें आकर रहता है।
पवित्र आत्मा आज भी यीशु मसीह की गवाही दे रहा है। वह आपकी आत्मा के साथ गवाही देना चाहता है कि आप परमेश्वर की संतान हैं। पवित्र आत्मा की गवाही को सुनें, उस पर विश्वास करें, और यीशु मसीह के जी उठने के गवाह बनें।

